domain name server

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नमस्कार दोस्तों आज हम जानेगे की Domain Names server क्या है और कैसे काम करता है आप हमारी पोस्ट को पूरा पढ़िए आपको अक एक कर हम जानने की कोसिस करते है जैसे की वेब साइट के ऐसे एड्रेस होते हैं, जिसे हम याद रख सकते हैं और हर दिन इस्‍तेमाल करते हैं। जैसे की गूगल का डोमेन नेम google.com हैं और दोस्तों यदि हम आप गूगल पर जाना होता हैं,
domain name server
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 तब आप अपने किसी वेब ब्राउज़र के एड्रेस बार में google.com एंटर करते हैं ठीक  वेसा ही हैं जैसे आप अपने मोबाईल से फोन नंबर डायल कर कॉल करते हैं। लेकिन DNS कि वजह से आपको हर एक साइट का IP Address याद नहीं रखना पडता। आपको तो सिर्फ उस वेब साइट का नाम याद रखना होता हैं।तो जब आप अपने ब्राउजर में उस वेब साइट का नाम टाइप कर एंटर करते हैं, तो आप Domain Name Server जिसे DNS भी कहां जाता हैं जो  कनेक्‍ट होते हैं जो एक विशाल डेटाबेस को मैनेज करता हैं जिसमें हर एक डोमेन नेम को उसके आईपी एड्रेस से मैपा  जाता हैं। DNS सर्वर संबंधित IP Address से domain  नेम को मैच करता हैं। जब आप अपने ब्राउज़र में एक डोमेन नाम टाइप करते हैं, तो आपका computer में  वर्तमान DNS सर्वर से संपर्क करता है और पूछता है आपका कंप्यूटर तब IP एड्रेस से कनेक्‍ट होता है और आपके लिए सही वेब पेज को ओपन करता है।


  • Resolving Name Server

आपका ब्राउज़र पीसी के ऑपरेटिंग सिस्टम को यह क्वेरी भेज देगा। प्रत्येक ऑपरेटिंग सिस्टम कुछ DNS  सर्वर को क्वेरी करने के लिए कॉन्फ़िगर किया गया है। सामान्यतया आपके ISP या नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर ऐसे DNS सर्वर को कॉन्फ़िगर करते हैं जिसे  हम Resolving Name Server कहते हैं। इस नेम सर्वर को रिज़ाल्व करने वाले को google.com के लोकेशन के बारे में जानकारी नहीं होती लेकिन वह यह सब जानता है कि रूट सर्वर कहाँ पर हैं।आगे, Resolving Name Server टॉप-लेवल डोमेन नेम सर्व के लोकेशन को खोजता हैं और google.com के लिए क्वेरी भेजता हैं। इंटरनेट पर प्रत्येक डोमेन को एक आधिकारिक नेम सर्वर होता है। अंत में, यह आधिकारिक नेम सर्वर आपको google.com का सटीक IP एड्रेस देगा। यह जानकारी Resolving Name Server पर वापस आ जाएगी, जो इस इनफॉर्मेशन को कैश करता है और आंनर को किसी भी  ब्राउज़र के पास भेजता हैं।


  • Domain IP Addresses:

डोमेन नेम और आईपी एड्रेसेस लेकिन  आपका कंप्यूटर नहीं समझता कि google.com कहां है। क्‍योकी इंटरनेट और अन्‍य सभी नेटवर्क न्यूमेरिकल IP एड्रेस का इस्‍तेमाल करते हैं, जैसे की 172.217.0.142 यह IP एड्रेस google.com के लिए हैं। यदि आप यह नंबर अपने वेब ब्राउज़र के एड्रेस बार में टाइप करते है, तो आप Google की website  पर जा सकते हैं। लेकिन हम 172.217.0.142 के बजाय google.com का उपयोग करते हैं क्योंकि Google.com जैसे एड्रेस को हम आसानी से याद रख सकते हैं।


  • DNS work kese karta 

DNS कैसे काम करता है जब भी कोई इंटरनेट यूजर किसी डोमेन जैसे internetinindia.xyz पर जाता हैं, तो आपका कंप्यूटर या स्मार्ट डिवाइस कई स्‍टेप्‍स को फालो करता है जो ह्यूमन-रिडेबल वेब एड्रेस को मशीन-रिडेबल IP एड्रेस में बदल देता है। चाहे आप वेब साइट को एक्‍सेस कर रहे हों या ई-मेल भेज रहे हों, आपका कंप्यूटर आपके द्वारा उपयोग किए जाने वाले डोमेन नेम को देखने के लिए एक DNS सर्वर का उपयोग करता है। इस प्रोसेस को DNS Name Resolution कह सकते हैं।DNS की स्‍टेप्‍स आप विंडोज या अन्य ऑपरेटिंग  सिस्टम के ब्राउज़र में google.com डोमेन नेम टाइप करते हैं। क्लाइंट को इसके IP एड्रेस का पता होना चाहिए की google.com पृथ्वी पर कहां पर लोकेटेड हैं। और आमतौर पर सभी वेबसाइट internet  डाटा सेंटर में होस्ट किए जाते हैं। 


  • what is dns server

यदि आपने कभी internet  का इस्तेमाल किया है, तो एक अच्छी बात है कि आपने Domain Name System या DNS का इस्तेमाल किया है, भले ही आपने इसे अनुभव न किया हो। DNS स्‍टैंडर्ड सेट का एक प्रोटोकॉल हैं, जो इंटरनेट और अन्‍य प्राइवेट नेटवर्क पर डेटा का एक्‍सचेंज कैसे होगा यह तय करता हैं जिसे TCP/IP प्रोटोकॉल सूट के रूप में जाना जाता है।किसी भी website का यूआरएल www.google.com जैसे होता हैं, लेकिन असल में इस यूआरएल के पिछे हर एक डोमेन नेम को एक IP एड्रेस असाइन होता हैं। इसका बेसिक काम किसी भी यूजर-फ्रैंडली डोमेन नेम जैसे www.google.com का Internet Protocol (IP) एड्रेस 74.125.200.103 है और इसे नेटवर्क पर एक-दूसरे की पहचान करने के लिए कंप्यूटर द्वारा उपयोग किया जाता हैं। इंटरनेट पर computer  और अन्य नेटवर्क डिवाइसेस आईपी एड्रेस का उपयोग करके आपके द्वारा दि गई रिक्‍वेस्‍ट को रूट करते हैं जिससे वह वेब साइट ओपन हो सके।


  • More Information Servers

DNS सर्वर पर अधिक जानकारी ज्यादातर मामलों में, दो DNS सर्वर, एक primary और एक secondary सर्वर होता हैं। यह या तो आपके राउटर और computer पर आपके ISP से DHCP द्वारा कनेक्ट करते समय आटोमेटिक कॉन्फ़िगर होते हैं। आप दो DNS सर्वर को कॉन्फ़िगर कर सकते हैं, इनमें से एक फेल होने पर दूसरे सर्वर का उपयोग किया जाता तथा  कुछ DNS सर्वर का दूसरों की तुलना में फास्‍ट एक्सेस टाइम होता हैं, लेकिन यह पूरी तरह से निर्भर करता है कि DNS सर्वर तक एक्‍सेस के लिए आपके डिवाइस पर कितना समय लगता है। यदि आपको नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जहां ऐसा लगता है कि कोई website  लोड नहीं हो रही हैं, तो संभव है कि DNS सर्वर से कोई समस्या हो। यदि DNS सर्वर आपके द्वारा एंटर होस्ट नेम का सही आईपी एड्रेस को खोजने में सक्षम नहीं होता है, तो वेबसाइट लोड नहीं होगी।

दोस्तों अपने हमारी पोस्ट domain name server को पड़ा आप डोमेन के नारे में जन चुके होंगे आप अपने अनुभव हमे कमेंट के माध्यम से दे सकते है। 

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