internet का इतिहास कब और कहा शुरुआत हुई

internet का इतिहास कब और कहा शुरुआत हुई

इंटरनेट के जन्मदाता विश्व में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई,फादर ऑफ इंटरनेट,founder of internet,simple history of the internet,uses of internet,इंटरनेट की परिभाषा हिंदी में,इंटरनेट का उपयोग,विश्व में इंटरनेट की शुरुआत कब हुई,इंटरनेट के जन्मदाता कौन है,इंटरनेट का आविष्कार किसने किया,भारत में इंटरनेट पत्रकारिता की शुरुआत कब हुई,भारत का पहला सार्वजनिक इंटरनेट सेवा प्रदाता .

आज world में ऐसा कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं है जहाँ internet का इस्तेमाल नहीं हो रहा है इसलिए internet को अब तक world के सबसे बड़े और अच्छे अविष्कारों में एक माना गया है। internet के बिना मानो आज ज़िन्दगी की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। हर कोई आज इंटरनेट का आदि बन चुका है, क्योंकि जिस चीज की कल्पना भी नहीं की जा सकती थी, उसे आज internet ने हकीकत में बदल दिया है।

internet के माध्यम से आज घर बैठै-बैठे दुनिया के किसी भी कोने में बैठे शख्स से बातचीत कर सकते हैं, email या सोशल netwerk साइट्स के माध्यम से अपना संदेश भेज सकते हैं, video कॉल कर सकते हैं, वहीं internet ने कम्यूनिकेशन को इतना आसान बना दिया है कि देश-दुनिया की Economy पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो गई है।

इंटरनेट को लाने के लिए उनके प्रयास की सराहना करने के लिए internet के इतिहास और आविष्कारकों को जानना हमारे लिए महत्त्वपूर्ण है। यह लेख इंटरनेट की भागीदारी की व्याख्या करेगा और इंटरनेट कब शुरू हुआ।

  • इंटरनेट क्या है और इसकी परिभाषा

सूचना के आदान-प्रदान का एक वैश्विक computer नेटवर्क internet कहलाता है, जिसमें सभी कंप्यूटर आपस में जुड़े रहते हैं। internet के अर्थ को सरल शब्दों में समझा जाए तो इसका मतलब इंटरनेशनल netwerk होता है, जो कि world का सबसे बड़ा नेटवर्क है और यह दुनिया के सभी computero को राउटर (Router) और वेब सर्वर के माध्यम से आपस में जोड़ता है।

  • इंटरनेट कब शुरू हुआ?

इंटरनेट का मुख्य विचार और अवधारणा तैयार होने के बाद, लोगों ने protocol के बारे में सोचना शुरू कर दिया। protocol नेटवर्क का वर्णन करने वाले आविष्कार को Transmission कंट्रोल प्रोटोकॉल और internet प्रोटोकॉल (टीसीपी / आईपी) कहा जाता है। इस TCP / IP का उपयोग साइटों को होस्ट करने के लिए किया जाता है। 

पंजीकृत पहली साइट प्रतीकात्मक है। उसके बाद, बहुत सारी कंपनियों और पार्टियों ने अपने स्वयं के अनूठे पते का उपयोग करके अपनी site बनाना शुरू कर दिया। 1988 में मैलवेयर softwer शुरू करने से सफलता जारी है। इंटरनेट website का उपयोग केवल बड़ी कंपनियों द्वारा किया जाता है और जैसे-जैसे internet तेजी से विकसित होता है, 

सभी कंपनियाँ अपने व्यवसायों को फैलाने के लिए internet को एक संभावित स्थान के रूप में देखती हैं। world भर से हर कोई internet के लिए सुलभ है। तकनीक आज तक विकसित हो रही है; internet सभी के लिए entertainment का सबसे वांछित स्रोत है। कोई भी बस online समाचार देख सकता है, online जानकारी खोज सकता है, ऑनलाइन फ़िल्में देख सकता है और बस एक साधारण माउस क्लिक के साथ सब कुछ कर सकता है।

  • कैसे हुई इंटरनेट की शुरुआत?–

सबसे fast internt की शुरुआत अमेरिका सेना द्धारा पेंटागन अमेरिका के रक्षा विभाग में की गई थी। साल 1969 में ARPANet मतलब,Advance Research project Agency,नाम का Networking Project लॉन्च किया गया था। जिसका इस्तेमाल युद्द के समय बिना किसी मुश्किलों के गोपनीय सूचना भेजने और Communication system को सुरक्षित रखने के लिए किया गया था। 

वहीं थोड़े समय बाद इससे मिलने वाले लाभों को देख Researcher,वैज्ञानिक, मिलिट्री के लोग और कॉन्ट्रेक्टर्स इसका इस्तेमाल करने लगे। इसके बाद धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गई और आज इस netwerk ने पूरी world को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। सबसे पहले Vinton Gray Cerf  और ‘Bob Kanh’ नाम के दो शख्स के द्दारा साल 1970 में internet की शुरुआत की गई थी। 

इसलिए इन्हें internet का जनक भी कहा जाता है। Retomalcin ने साल 1972 में पहला ईमेल भेजा। ब्रिटिश डाकघर में पहली बार internet का इस्तेमाल साल 1979 में नई प्रौद्योगिकी के रूप में किया गया। इसके बाद ही computer तकनीकी में तेजी से विकास हुआ। नेशनल साइंस फाउंडेशन (National Science Foundation)ने कुछ हाई स्पीड कंम्यूटरों को जोड़कर साल 1980 में एक netwerk (NSFNet) तैयार किया, जिसने बाद में Internet की नींव रखी। 

वहीं इसी साल बिल गेट्स की कंपनी microsoft ने भी अपना ऑपरेटिंग सिस्टम आईबीएम के computer पर लगाने का सौदा तय किया। साल 1984 में इस नेटवर्क से 1000 से ज़्यादा निजी computer जुड गए, इसके बाद धीरे-धीरे इसका तेजी से विकास हुआ और आज इसके world के सबसे बड़े नेटवर्क का रूप धारण कर लिया है। 

आम जनता के लिए साल 1989 में internet खोल दिया गया, जिससे इस्तेमाल बड़े स्तर पर लोगों द्धारा कम्यूनिकेशन और रिसर्च के लिए किया जाना लगा। world वाइड वेब की खोज से इंटरनेट को साल 1990 में एक नई दिशा दी गई. इसके बाद इस क्षेत्र में अधिक तेजी से विकास होता चला गया।

1990 के दशक की शुरुआत में, internet का इंटरफ़ेस बदल गया, जिसे हम आज देख सकते हैं। 1991 में, हमारे पास टिम बर्नर्स ली हैं जो वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) नामक अपने आविष्कार के साथ सामने आए. इसने हमें internet के माध्यम से जानकारी और विवरण खोजने में सुविधा और लचीलापन दिया था। 

सभी site link  के माध्यम से सुलभ हैं। यह वह क्षण है जहाँ सभी विशाल कंपनियों ने internet में शामिल होने के लिए अपने स्वयं के softwer और साइटों को विकसित किया। हमारे पास internet एक्सप्लोरर और नेटस्केप के रूप में web ब्राउज़र और जानकारी के लिए खोज इंजन हैं। internet का उपयोग करने में आसानी देने के लिए बहुत सारे softwer विकसित किए गए हैं।

  • इंटरनेट का इतिहास

यह 1950 के दशक में शुरू हुआ था जहाँ अमेरिकी airmy की टीम ने एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स (Advanced Research Projects) एजेंसी (ARPA) बनाई थी। 1965 में, उन्होंने शीत युद्ध के खिलाफ लड़ने के लिए एक विशाल netwerk बनाने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ Technology (MIT) में मैसाचुसेट्स का रिवाज बनाया। फिर, हमने ARPANET प्राप्त किया; 

एक छोटे नेटवर्क में UCLA,नासा और स्टैमफोर्ड शामिल हैं। एक विस्तृत शोध के साथ, सिस्टम internet का विचार शुरू करने के लिए लंदन university के साथ मिलकर वैश्विक हो गया। 1970 के मध्य में, internet बनाया गया था और लोग संचार के माध्यम के रूप में email भेजने में सक्षम हैं। उसके बाद, टीम ने 1979 में USENET का आविष्कार किया।

  • इंटरनेट होक्स का संक्षिप्त इतिहास

इन दिनों email का उपयोग करने वाला कोई भी व्यक्ति आपके इनबॉक्स या आपके jink फ़ोल्डर (यदि आप थोड़ा अधिक समझदार हैं) के सर्वव्यापी स्पैम से परिचित है। “सामान्य” स्पैम से भी बदतर वे व्हाट्सएप और शहरी किंवदंतियाँ हैं जो अच्छी तरह से अर्थहीन लेकिन अनजान दोस्तों और परिवार द्वारा भेजे जाते हैं। मुझे हर महीने इनमें से कई मिलते हैं।

  • भारत में कब हुई इंटरनेट की शुरुआत?–

भारत में विदेश संचार निगम लिमिटेड द्धारा टेलीफोन लाइन के जरिए भारत में सबसे पहले internet का इस्तेमाल 15 अगस्त साल 1995 में किया गया था। शुरुआत में देश में करीब 20-30 computer ही internet से जुड़ सके थे। उस वक्त सिर्फ़ ज़रूरी सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता था और सिर्फ़ कुछ बड़े-बडे़ संस्थानों और कॉलेजों को ही internet से जोड़ा गया था। 

वहीं शुरुआत में इसकी स्पीड भी बेहद कम थी। इसके बाद जैसे-जैसे internet का भारत में विस्तार होता गया वैसे-वैसे इंटरनेट की स्पीड भी बढ़ती गई. 90 के दशक में india में internet का तेजी से विकास हुआ और इसकी पहुंच देश के कोने-कोने में हो गई. वहीं आज internet का इस्तेमाल लोग सूचनाओं के आदान-प्रदान, शौध और शिक्षा के लिए ही नहीं करते हैं बल्कि internet के माध्यम से आज लोग लाखों–करोड़ों रुपए घर बैठे ही कमा रहे हैं।

इंटरनेट की world में तेजी से नए-नए आविष्कार होते चले गए और इसका तेजी से विकास होता चला गया और आज दुनिया के सभी देशों के netwerk आपस में जुड़ गए, जिससे सूचना का आदान-प्रदान, शौध, वित्तीय लेनदेन समेत तमाम ऐसी चीजें सेंकेण्डों में की जाने लगी है, जिसके बारे में पहले कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। 

Read  More Post –

डोमेन परिभाषा टॉप डोमेन नाम जानकारी इन हिन्दी

1 thought on “internet का इतिहास कब और कहा शुरुआत हुई”

  1. Pingback: ब्लॉग मुद्रीकरण ब्लॉगिंग से पैसे कैसे कमाए - Internet In India

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *